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मुसलमानों ने कहा-जो रोहिंग्या अपने देश के ना हुए वो हमारे भारत के क्या होंगे,बाहर निकालो इन्हें

New Delhi : देश में रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर खींच तान जारी है। कई मुस्लिम संगठन इनके बचाव में हैं तो कई मुसलमान इनके खिलाफ बोल रहे हैं।

दिल्ली के एक मुस्लिम संगठन ने कहा है कि रोहिंग्या मुसलमानों को भारत में शरण देना ठीक नहीं है। संगठन के अध्यक्ष सलमान मलिक ने कहा कि जो रोहिंग्या अपने देश के नहीं हुए वो भारत के क्या होंगे। उन्होंने कहा कि रोहिंग्या लोग देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं। इन्हें बांग्लादेश जाना चाहिए।
बता दें कि म्यांमार से बड़ी तादाद में खदेड़े जा रहे रोहिंग्या मुसलमान छोटी-छोटी नावों में भरकर समुद्र के रास्ते आ रहे हैं। नाव नहीं मिली तो गले तक पानी में चलकर आने को मजबूर हैं।

करीब तीन लाख रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश में शरण लेने पहुंचे हैं। खाने के सामान और राहत सामग्री की यहां भारी कमी है। इन हालात में बच्चे और बूढ़े सबसे ज़्यादा परेशान हैं। इन्होंने बांग्लादेश के शामलापुर और कॉक्स बाज़ार में शरण ली हैं। शरणार्थी शिविरों में ही बच्चों को औरतें जन्म दे रही हैं।

बांग्लादेश में इनकी जान बची हुई है, लेकिन मुसीबतों की कमी नहीं है। कॉक्स बाज़ार फिलहाल इन शरणार्थियों का घर बना हुआ है। भूखे लोगों के पास न खाना, न पैसे और न ही पहनने को कपड़े हैं। खाने के एक पैकेट से सात लोगों के परिवार का पेट कैसे भरे। भीड़ यहां खाने के पैकेट और राहत सामग्री के लिए टूट पड़ती है।

म्यांमार में 25 अगस्त को भड़की हिंसा में क़रीब 400 मौतों की ख़बर है। म्यांमार में बौद्ध बहुसंख्यक हैं और ये रोहिंग्या को अप्रवासी मानते हैं। साल 2012 में म्यांमार के रखाइन प्रांत में रोहिंग्या-बौद्धों के बीच भारी हिंसा हुई थी। साल 2015 में भी रोहिंग्या मुसलमानों का बड़े पैमाने पर पलायन शुरू हुआ।