8 साल में हो गई थी शादी,पति ने ऑटो चलाकर बना दिया MBBS डॉक्टर,बोला-7 जन्मों तक साथ निभाऊंगा

New Delhi: मेरे हाथों की लकीरों के इजाफे हैं गवाह, मैंने पत्थर की तरह खुद को तराशा है बहुत…. यूं तो हाथों की लकीरें किस्मत बयां करती है लेकिन संघर्ष यदि जुनूनी हो तो लकीरें भी बदल जाती हैं और किस्मत भी। 20 साल की RUPA YADAV ने अपने सपने को पूरा करने के लिए वो कर दिखाया जो वाकई लोगों के बीच एक मिसाल है। रूपा राजस्थान की रहने वाली है। रूपा की इस मेहनत ने पूरे राजस्थान का सीना चौड़ा कर दिया है।

k(55).jpg (405×540)

क्लास 3 में पढ़ रही 8 साल की बच्ची के नासमझी में ही सात फेरे हो गए। और वह बालिका वधु बन गई, घर के कामकाज में भी लगी लेकिन पढ़ाई का जुनून इतना कि पढ़ाई नहीं छोड़ी। गौना नहीं होने तक पीहर में पढ़ी, फिर ससुराल वालों ने पढ़ाया। यूं तो ससुराल वाले पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर कर देते हैं,लेकिन के ससुराल वाले जरा अलग थे, उन्होंने रूपा की पढ़ाई के बीच कभी किसी को आने नहीं दिया।

i(181).jpg (960×540)

ससुराल में पति और उनके बड़े भाई ने तमाम सामाजिक बाध्यताओं को दरकिनार करते हुए बहू की पढ़ाई करवाई। पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए दोनों ने खेती करने के साथ-साथ ऑटो भी चलाया। रूपा को डॉक्टर बनना था, लेकिन पैसों की तंगी थी, इसलिए पति ने ऑटो चलानी की ठानी,ताकि पत्नी को डॉक्टर बना सके। दो साल कोटा में एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट से कोचिंग करके दिन-रात पढ़ाई की और अब ये बालिका वधु ने नीट-2017 में 603 अंक प्राप्त कर लोगों के बीच मिसाल पेश की। अब रूपा डॉक्टर बन गई है।

rupa-620x400(1).jpg (620×400)

रुपा का कहना है कि आठ साल में उसकी शादी तो कर दी गई लेकिन उसने अपने सपनों के बीच शादी को आड़े नहीं आने दिया। उनका कहना है कि वह ना सिर्फ अपनी मेहनत के दम पर डॉक्टर बनी है, बल्कि उसके डॉक्टर बनने के सपनों को पूरा करने में उसके घर वालों का पूरा हाथ है। पति पूरे दिन कमाता रहा वो भी सिर्फ इसलिए ताकि उसकी पत्नी को पढ़ाई में कोई कमी ना रह जाए।

rupa-yadav-neet.jpg (759×422)

रुपा ने अपने सपनों को जीते हुए NEET में 603 अंक लाकर अपने डॉक्टर बनने की मंजिल की पहली सीढ़ी कामयाबी से पार कर ली है। बता दें कि रुपा बचपन से ही पढ़ाई में काफी होशियार थी। उसने 10वीं कक्षा में 84 फीसदी नंबर हासिल किए थे।