आप चैन की नींद सो रहे थे,सेना ने मचा दिया कोहराम, लगा दिए लाशों के ढेर,घाटी में छायी मरघट सी शांति

श्रीनगर : सेना ने अब ठान लिया है कि मोदी सरकार के राज में ही कश्मीर को आतंकवादी से आज़ादी दिला के रहेंगे. इसके लिए सेना ने 250 आतंकवादियों की हिटलिस्ट भी तैयार कर ली है जिसमें से तेज़ी से नाम कटते जा रहे हैं. इसी बीच सेना ने शानदार ऑपरेशन चलाया जिसमें सेना ने लाशों के ढेर लगा दिए.

सेना की आज सुबह 2 बजे ही चलाया खास ऑपरेशन

अभी-अभी एएनआई न्यूज़ एजेंसी से बड़ी खबर आ रही है सेना ने एक बार फिर घाटी मेंज़बरदस्त  खास दस्ते के साथ मिलकर ऑपरेशन चलाया. जिसमें सेना के हाथ बड़ी कामयाबी मिली है. अगस्त महीना शुरू होते ही सेना ने इस महीने दूसरी बड़ी कार्यवाही करते हुए कश्मीर के अमरगढ़ सोपोर में लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकवादी के घर में धमाका किया और फिर उन्हें बुरी तरह गोलियों से छलनी कर दियाImage result for china vs india war

लगा दिए लाशों के ढे

मारे गए तीन आतंकी में जविद अहमद दर, दूसरा अबीद हामिद मीर है. तीसरे आतंकी की अभी पहचान नहीं हो पायी है. ये लश्कर कमांडर अबू दुजाना के करीबी बताये जा रहे हैं. इसलिए सेना ने इनको भी अबू दुजाना के करीब यानि जहन्नुम में पंहुचा दिया. सेना ने खास ऑपरेशन सुबह तड़के 2 बजे से ही शुरू कर दिया था.

सुबह का सूरज भी देखने नहीं दिया

घाटी में धड़ाधड़ गोलियों और धमाकों की आवाज़ गूंजने लगी. दरअसल सेना को जानकारी मिली थी कि कुछ आतंकवादी एक घर में छुपे हुए हैं सेना की सबसे जाबांज टुकड़ी राष्ट्रिय राइफल ने ना आव देखा ना ताव पूरे घर को ही राकेट लांचर के धमाकों से उड़ा दिया. क्यूंकि बताया जा रहा है की सेना ने आतंकवादियों की अब ज़िंदा पकड़ना बंद कर दिया है.

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चीथड़ों से पहचानना तक हुआ मुश्किल

इससे ये वाला एनकाउंटर कुछ ही घंटे में ख़त्म हो गया. धमाके में आतंकियों के शरीर के कुछ चीथड़ों से उनकी पहचान हो सकी. वरना पहचानना तक मुश्किल हो गया था. दरअसल लश्कर के कमांडर अबू दुजाना की मौत के बाद आतंकी बौखला से गए हैं. जिसके चलते कुछ दिन पहले इन्होने सेना की एक टुकड़ी पर कायराना हमला कर दिया था. जिसमें मेजर कमलेश पांडे और एक जवान भी शहीद हो गए थे. जिसके बाद से सेना का खून खौल उठा था.

आंकड़ा पंहुचा 120 के पार

सेना के एक जवान शहीद होने पर दस आतंकवादियों को मौत के घाट उतरने के लिए ही सेना ने ऑपरेशन आल आउट चलाया हुआ. साथ ही ऑपरेशन घेरो और मार गिराओ की ज़बरदस्त सफलता के चलते भी आतंकियों की तादाद तेज़ी से घटती जा रही है. केवल अगस्त महीने तक 120 से ज़्यादा आतंकवादियों को सेना ने जहन्नुम पंहुचा दिया है.

आतंकवादी के साथ साथ पत्थरबाजों को भी परोसी जा रही है मौत

राजेश्वर जामवाल कमांडिंग ऑफिसर 52 आरआर ने बताया कि आज सुबह मारे गए आतंकवादियों के पास से भारी मात्रा में गोला बारूद और यही नहीं तीन एके 47 के साथ साथ एके का लेटेस्ट वर्जन एके 74 भी बरामद हुआ. मुठभेड़ में सेना का एक जवान घायल हो गया है लेकिन उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है. सिर्फ अगस्त के इन पांच दिनों में ही 8 आतंकवादी और 3 पत्थरबाज मारे जा चुके हैं.

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