म्यांमार के बाद लद्दाख में भी मुस्लिमों के खिलाफ खतरनाक फरमान जारी, महबूबा के छूटे पसीने !

 

नई दिल्ली : म्यांमार जैसी स्थिति अब भारत में भी हो रही है. जिस तरह से म्यांमार में बौद्ध रोहिंग्या मुस्लिमों के खिलाफ हल्ला बोले हुए हैं और उन्हें देश से निकालने पर आमादा हैं. ठीक वैसे ही अब लद्दाख के बौद्धों ने भी मुस्लिमों को लद्दाख से निकालने की ठान ली है और फरमान जारी कर दिया है. हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं.

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बौद्ध समुदाय ने जारी किया मुसलमानों को इलाके से निकलने का फरमान !
खबर के मुताबिक़ एक मुस्लिम शख्स ने एक बौद्ध लड़की को बहला-फुसला कर उससे शादी कर ली और धर्म परिवर्तन करवा कर इस्लाम कबूल करवा लिया. जिसके बाद से जम्मू कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव बना हुआ है. मुस्लिम युवक का नाम सईद मुर्तज़ा आगा है और लदाख बुद्धिस्ट एसोसिएशन का कहना है कि बौद्ध लड़की को द्रास के रहने वाले इस मुस्लिम युवक ने बहला-फुसला कर शादी के लिए मजबूर किया.

वहीँ मुस्लिम युवक और उसके परिवार का कहना है कि दोनों ने शादी अपनी सहमति और रजामंदी से की है. इसे भी केरल के लव जिहाद की तरह का मामला कहा जा रहा है. बता दें कि केरल में लव जिहाद की बात पहले इसी तरह से नकार दी गयी थी लेकिन बाद में जांच में तथ्य सामने आने के बाद केरल हाई कोर्ट ने ऐसी ही एक शादी को रद्द कर दिया था. पूरे मामले की जांच अब एनआईए को सौंप दी गयी है.

बौद्धों का आरोप- लद्दाख को इस्लामिक स्टेट बनाने की हो रही साजिश !
लद्दाख में बौद्धों के मुताबिक़ एक साजिश के तहत लद्दाख का जनसंख्या संतुलन बिगाड़ने के लिए लव जिहाद शुरू किया गया है. मुस्लिम युवक बौद्ध लड़कियों को फंसा कर उनका धर्म परिवर्तन करा रहे हैं. इस केस में बौद्ध युवती जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर की पढ़ाई कर रही थी, उसे बहलाया गया और धर्म परिवर्तन करा लिया गया. इस्लाम अपनाने के बाद युवती का नाम शिफा रखा गया है, जिसका रजिस्ट्रेशन कर्नाटक हाईकोर्ट में करवाया गया है.

मुस्लिम युवक सईद पेशे से एक इंजीनियर है और वो भी जम्मू में ही अपनी पत्नी के साथ रह रहा है. इन दोनों की शादी को लेकर लदाख छेत्र में बवाल बना हुआ है, यहां तक कि लद्दाख बुद्धिस्ट एसोसिएशन ने लेह में विरोध प्रदर्शन करके 7 दिन के भीतर लड़की को अपने माता पिता को सौंपने का अल्टीमेटम भी दिया है.

लद्धाख में ‘लव जिहाद’ !
आरोप है कि मुस्लिम युवक युवतियों को ये कहकर झांसा देते हैं कि वो बौद्ध हैं. झूठे नाम से युवतियों को प्यार के जाल में फंसाया जा रहा है और उनसे शादी की जा रही है. पी़ड़ित लड़कियों को अपने साथ हुए इस धोखे का पता शादी के बाद पता चलता है.

2003 से अब तक 45 से अधिक बौद्ध लड़कियों ने मुस्लिम लड़कों से शादी की है और सबने अपनी मर्जी से शादी करने की बात कही है. लद्दाख बुद्धिस्ट एसोसिएशन के एक शीर्ष अधिकारी कुजैंग ने आरोप लगाया कि लड़कियों से इस तरह के बयान दबाव डालकर दिलवाए जाते हैं.

म्यांमार में बुद्धिस्ट और मुस्लिम समुदाय के बीच हुई हिंसा से विवाद इतना बढ़ गया है कि लेह शहर में बौद्ध समुदाय ने मुसलमानों को इलाके से निकलने का फरमान जारी कर दिया है. कारगिल के मुस्लिम संघटनों ने जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से मामले में दखल देने की अपील की है और शादीशुदा जोड़े को सुरक्षा मुहैया कराने की अपील भी की हैं.

बता दें कि जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट भी राज्य सरकार को शादीशुदा जोड़े की सुरक्षा मुहैया कराने के आदेश दे चुका है. तनाव यदि कम नहीं हुआ तो हालात और भी ज्यादा बिगड़ सकते हैं.